Saturday, June 22, 2013

आंखों देखी! जंगलों में सड़ रहीं लाशें, हजारों अब भी फंसे, 200 रुपये का बिक रहा पानी

आंखों देखी! जंगलों में सड़ रहीं लाशें, हजारों अब भी फंसे, 200 रुपये का बिक रहा पानी

22 जून 2013 
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देहरादून। उत्‍तराखंड पर कुदरत का कहर टूटे सात दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक वहां फंसे सभी लोगों को निकाला नहीं जा सका है। दूसरी ओर एक अहम खबर ये है कि मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में उत्तराखंड में भारी बारिश की चेतावनी दी है। यानी सेना और प्रशासन के पास लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए महज 48 घंटे हैं। ऐसे में बचाव का काम युद्ध स्तर पर करना होगा, क्योंकि अगर बारिश आ गई तो फिर बचाव कार्य ठप हो जाएगा। क्योंकि खराब मौसम में हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पाएंगे और सड़कें टूट जाने के कारण इस समय हेलीकॉप्‍टर ही एकमात्र विकल्‍प है। 

अब भी फंसे हैं 32 हजार लोग 

केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने दावा किया है कि उत्‍तराखंड में 73,000 लोगों को निकाल लिया गया है। शिंदे ने बताया कि 30 से 32 हजार लोग अभी भी फंसे हैं। गृहमंत्री के मुताबिक बाढ़ से 1751 घर, 147 पुल और 1307 सड़कों को नुकसान पहुंचाया है। दूसरी ओर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने त्रासदी में 556 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है। हालांकि मरने वालों की संख्‍या हजारों में हो सकती है। दूसरी ओर उत्‍तराखंड समेत पूरे उत्‍तर भारत का मौसम दो दिन बाद करवट बदलने वाला है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि उत्तराखंड के कुछ इलाकों में रविवार से फिर बारिश शुरू हो सकती है। ऐसे में वहां चल रहे राहत कार्य प्रभावित हो सकते हैं। 

जंगलों में पड़ी हैं हजारों लाशें 

उत्‍तराखंड में तबाही के बीच से जिंदगी बचाकर लौटे लोगों के मुताबिक मरने वाला की संख्‍या 500 या 600 नहीं बल्कि हजारों में हैं। उनका कहना है कि उन्‍होंने हजारों लाशों को जंगलों को पड़े देखा, जिनके बीच से निकलर वे लौटे। सात दिन से पड़ी लाशें अब सड़ने लगी हैं और इससे संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में जल्‍द से जल्‍द शवों के अंतिम संस्‍कार का इंतजाम करना होगा, लेकिन सरकार की सुस्‍ती की वजह से अभी तक जिंदा लोगों को निकाला नहीं जा सका है तो शवों के अंतिम संस्‍कार की क्‍या उम्‍मीद की जाए।

भूख, बीमारी से मर रहे लोग 

16 जून को आए कुदरत के कहर के बाद हजारों लोग दुर्गम रास्‍तों पर फंस गये। सात दिन बाद भी हजारों लोग फंसे हैं। जिनके पास न खाने को कुछ है और न पीने को पानी। उत्‍तराखंड से लौटे लोगों का कहना है सैकड़ों लोग तो सिर्फ भूख और बीमारी से ही मर गये हैं। कुछ स्‍थानों पर खाने के लिए कुछ है ही नहीं और जहां पर है वहां कीमतें इतनी ज्‍यादा हैं कि कुछ लोग ही खाना और पानी खरीद पा रहे हैं। उत्‍तराखंड से आ रही खबरों के अनुसार, वहां पर पानी की बोतल 200 रुपये, खाना की थाली 300 से 500 रुपये तक मिल रही हैं। इसी तरह से अन्‍य जरूरतों के सामान भी कई गुना हो गये हैं। 

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