इटावा, 2 फरवरी (जनसत्ता)। उत्तर प्रदेश में पुलिस एसोसिएशन के मायावती को हराने की अपील वाले परचे सामने आने के बाद पुलिस अमले के साथ खुफिया विभाग भी सतर्क हो गया है। मायावती के खिलाफ गोलबंदी करने वाले उत्तर प्रदेश पुलिस एसोसिएशन नामक संगठन में इस समय चार लाख पुलिस कर्मी हैं। इसमें चपरासी से लेकर इंस्पेक्टर तक शामिल हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष सुबोध यादव मायावती सरकार के खिलाफ जो परचे बंटवा रहे हैं, उसका शीर्षक है मायावती हराओ, पुलिस बचाओ, प्रदेश बचाओ। यादव कहते हैं कि उन्हें भरोसा है कि आम लोग मायावती के खिलाफ जाएंगे। साथ ही उन्होंने पुलिस कर्मियों से कहा कि वे फर्जी मुठभेड़ न करें। पुलिस वेतन आयोग सेना की तरह ही अलग से बनाया जाए। चपरासी से इंस्पेक्टर पद तक की तैनाती गृह मंडल में ही की जाए और दिल्ली पुलिस की तर्ज पर स्थानांतरण तैनाती रूटीन के मुताबिक सभी इकाइयों में हो। पीएसी जवानों की सहानुभूति बटोरने के लिए दस साल सेवा के बाद उन्हें सिविल पुलिस में समायोजित किए जाने की मांग की गई है। पुलिस एक्ट को बदले जाने की भी मांग रखी गई है। सुबोध यादव ने कहा कि मौजूदा आईपीएस अधिकारियों और रिटायर्ड आईपीएस अधिकारियों के यहां लगे फाल्वरों को तत्काल हटाया जाए। इससे अरबों रुपए का हर साल नुकसान हो रहा है। नदियों में बहाए जाने वाले अज्ञात लोगों के शवों की बेकदरी को लेकर सुबोध यादव ने कहा कि ऐसे शवों के दाह संस्कार के लिए 1500 रुपए देने के शासनादेश के बावजूद पुलिस कर्मियों को यह राशि नहीं दी जाती। इसकी तत्काल जांच करा कर दोषियों को सजा दिलाई जाए। |
Jaativaad bhi paagalpan hai
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