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From: Hastakshep.com | News Letter <noreply@hastakshep.in>
Date: 2010/12/9
Subject: Hastakshep.com | News Letter
To: palashbiswaskl@gmail.com
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नवीनतम प्रकाशित लेख
हथौड़ा :शीला की जवानी के बहाने
सच बात तो यह है कि शीला की जवानी मुन्नी की बदनामी से उन्नीस नहीं बैठती। जो और जिन लटकों-झटकों के दर्शन हमें मुन्नी की बदनामी में देखने को मिले, वही शीला की जवानी में भी हैं। दोनों के ही आइटम मस्त और बिंदास हैं। मैं यह बात दावे के साथ कह सकता हूं कि अगर आज गालिब जिंदा रहे होते, तो न जाने कितने शेर उन्होंने मुà Read...
कुछ बातें बेमतलब :कुछ कुछ होता है
कुछ कुछ होता है यही तो लोकतंत्र की माया है । शायद इसीलिए किसी ने , शायद विंस्टन चर्चिल ने कहा था कि लोकतंत्र बहुत बुरा तंत्र है , पर इससे बेहतर कोई तंत्र हो तो बताइए । लोकतंत्र वह नहीं है जो किताबों में अब्राहम लिंकन के बहाने पढ़ाया जाता है । जनता का ,जनता के लिए और जनता से । यह भी लोकतंत्र का कमाल है कि अकसर यहां Read...
आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन घोटालों की कब्रगाह है
उत्तर प्रदेश में फायर ब्रिगेड में पम्प घोटाला, पुस्तक घोटाला, पुलिस भर्ती घोटाला, खाद्यान्न घोटाला सहित हजारों चर्चित घोटाले हैं जिसकी जांच आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन या पुलिस विभाग की अन्य एजेंसियां करती हैं। कुछ दिनों तक अखबारों की सुर्ख़ियों में घोटाले चर्चित रहते हैं और उसके बाद घोटालों की फाइलें �¤ Read...
सिनमाई परदा बहुत कुछ कहता है...
मसलन ये ना सिर्फ मंनोरंजन एक माध्यम है बल्कि अभिव्यक्ति का एक हस्ताक्षर भी है.. इस माध्यम से अभिव्यक्ति का एक सशक्त हस्ताक्षर है..हास्य। सिनमाई परदें पर एक्शन .से भी ज्यादा लोगो हास्य को स्वीकार किया है...।यही कारण साल भर में रिलीज होनेवाली फिल्मो में ज्यादातर फिल्म हास्य प्रधान होती हैं।..ये फिल्में लोगो Read...
जलवायु परिवर्तन चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए तैयार आईटी सेक्टर ?
नई दिल्ली/कानकून (मैक्सिको), 7 दिसम्बर 2010– आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी विप्रो के रूप में पहली बार एक भारतीय कंपनी कूल आईटी लीडरबोर्ड में शामिल हुई है और इस आंकलन बोर्ड में दस शीर्ष कंपनियों में अपना स्थान बनाने में कामयाब रही।उम्मीद है कि अगले साल में इस लीडरबोर्ड के विकास के साथ चुनिंदा प्रमुख भारत Read...
बेनकाब शीर्ष चेहरे
देखा जाए तो देश में एक के बाद, एक भ्रश्टाचार के मामले सामने आते जा रहे हैं। इन घोटालों के चलते यूपीए सरकार और प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह पूरी तरह घिरे नजर आ रहे हैं और विपक्ष के निशाने पर हैं तथा संसद तक 18 दिनों से नहीं चलने दे रहे हैं, वही नीरा राडिया फोन टेप मामले ने भी भारतीय पत्रकारिता में खलबली मचा दी ह Read...
कुछ बातें बेमतलब / अंडा का फंडा
एक होता है अंडा । अंडा बेचने वालों ने चलाया खेल और कहा कि संडे हो या मंडे – रोज खाओ अंडे । अंडा की बहुत सारी परिभाषा है । जैसे मुहावरे में कहा जाता है कि शिक्षक बनने के लिए बिहार मत जाना , बहाली के नाम पर मिलेगा अंडा । सचमुच में शिक्षक की बहाली बिहार में कुछ वैसा ही हो गया है कि पहले मुर्गी या अंडा ।सुशासन बाबू स Read...
..यूं ही हमेशा खिलाएं हैं हमने आग में फूल
..यूं ही हमेशा खिलाएं हैं हमने आग में फूलन उनकी हार नयी है और न अपनी जीत नयी ..नागरिक अधिकार मंच के स्थापना सम्मेलन में आप सभी लोगों को क्रान्तिकारी अभिवादन पेश करने के लिए आपके सामने खड़ा हूं। मैं नहीं जानता कि सूबा मध्यप्रदेश के कुछ जिलों में अपनी सक्रियताओं से पहचान बना चुके मंच के स्थापना सम्मेलन के à Read...
वाम की जीत और प्राइमरी शिक्षा का सच
हाल ही में पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा परिषद के चुनावों में वाममोर्चे को भारी जीत मिली है। यह जीत इस बात की सूचना है कि प्राथमिक शिक्षकों और कर्मचारियों में वाम मोर्चे का प्रभाव बरकरार है। किन्तु इस जीत का यह अर्थ नहीं है कि प्राइमरी शिक्षा में सब ठीक चल रहा है। वाम की जीत और प्राइमरी शिक्षा की बदहाल अवस्à Read...
लोकतंत्र के बिंदास लेखक नागार्जुन
बाबा नागार्जुन को मंदी और नव्य-उदारीकरण के संदर्भ में पढ़ना निश्चित रूप से बड़ी उपलब्धि है। मैंने करीब एक दशक से बाबा को नहीं पढ़ा था, इस बीच में उन्हें चलताऊ ढ़ंग से पढ़ा और रख दिया था। लेकिन इस बीच में उनकी जो भी किताबें बाजार में आईं उन्हें खरीदता चला गया और इधर उन्हें मन लगाकर पढ़ गया। बाबा नागार्जà Read...
आखिर सब्र का इम्तिहान कब तक?
फतेहपुर : न्याय पाने की आस के साथ आये फौजी की पुलिस ने निर्ममता सेपिटाई कर मानवाधिकारों की धज्जियां उड़ा दी। न्याय न मिलने पर आक्रोशित हुए फौजी को प्रशासन अपनी सूझबूझ से शांत भी करा सकता था पर कोतवाल खागा ने उसको पीटकर मामला और भी गंभीर कर दिया। घटना के बाद सारा दिन पुलिस विभाग की किरकिरी होती रही। दरअसल साà Read...
लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भारी पड़ता पुलिसिया तांडव
बीते दिनों उच्चतम न्यायालय ने व्यवस्था दी कि पुलिस को अंतिम विकल्प के तौर पर ही किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करना चाहिए, क्योंकि बेवजह किसी को कैद करना, व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बुनियादी अधिकार का उल्लंघन है। उच्चतम न्यायालय ने अपने फैसले में कहा, 'गिरफ्तारी अंतिम विकल्प होना चाहिए और अपवादस्वरूप ऐसे मामलो�¤ Read...
जे.पी.सी से क्यों डर रही है सरकार?
पिछले तीन सप्ताहों से संसद ठप्प है. आशंका है कि संसद का शीतकालीन सत्र ऐसे ही निकल जायेगा. कारण? विपक्ष की मांग है कि अब तक के सबसे बड़े २ जी घोटाले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय जांच समिति गठित की जाए. लेकिन यू.पी.ए सरकार खासकर कांग्रेस जे.पी.सी के लिए कतई तैयार नहीं है. दूसरी ओर, विपक्ष भी अपनी मांग पर अड़ा हुआ है. दà Read...
लाबीइंग के चैनल
इस बार चर्चा एक ऐसे तमाशे की जो चैनलों के पर्दे पर नहीं बल्कि पर्दे के पीछे चल रही है. समाचार चैनलों की स्टिंग आपरेशन और टेलीफ़ोन टेपों में अतिरिक्त दिलचस्पी आपसे छुपी नहीं है. हालांकि इधर स्टिंग का क्रेज थोड़ा कम हो गया है, अन्यथा एक समय ऐसा था कि चैनलों में स्टिंग दिखाने की होड़ मची रहती थी. चैनलों में स्टिंग आ Read...
विकीलीक्स के संस्थापक जुलियन असान्जे गिरफ्तार
अमेरिकन साम्राज्यवाद के मुखौटे को उखाड़ फेकने वाली वेबसाइट विकीलीक्स के संस्थापक जुलियन असान्जे को लन्दन में वहां के समयानुसार सुबह साढ़े नौ बजे गिरफ्तार कर लिया गया है। दूसरी तरफ स्विस बैंक ने असान्जे का अकाउंट बंद करने की घोषणा की है। दुनिया में विकीलीक्स अमेरिका के ढाई लाख से ज्यादा गुप्त संदेशों क�¥ Read...
आवाम का सिनेमा: सिलसिला जो चल पड़ा
अयोध्या फिल्म महोत्सव अपने चौथे संस्करण की दहलीज पर है। 2006 से शुरु हुआ यह सिलसिला दरअसल अपने शहर की पहचान को बदलने की जद्दोजहद का परिणाम था। उस पहचान के खिलाफ जो फासीवादी सियासत ने गढ़ी थी और जिसके चलते लोग गुजरते वक्त को इससे गिनते थे कब यहां नरबलियां हुयी, कब हमारे आशियानें जलाए गए, कब घंटों की आवाज सायरनोà Read...
सबसे खतरनाक है कामयाब लोगों का अलगाववाद
उन्हें इस देश की सड़कें नापसंद हैं। वो ज्यादातर सफर हवाई जहाज से करते हैं और हो सके तो हवाई जहाज से सिटी सेंटर तक आने के लिए हेलिकॉप्टर का इस्तमाल करते हैं। भारत में दुनिया के लगभग सारे लक्जरी ब्रांड मिलने लगे हैं लेकिन वो शॉपिंग के लिए लंदन, पेरिस और न्यूयॉर्क से लेकर सिंगापुर, दुबई तक का सफर करते हैं। दुनिà Read...
रिजर्वेशन: उम्र में छूट किसे चाहिए?
यूपीएससी और कई और सरकारी संस्थान तथा एजेंसियां नौकरियों में खास समुदायों को उम्र में छूट देती है। ऐसी ही छूट एंट्रेंस और कंपिटिटिव एक्जाम के लिए अटैंप्ट में भी मिलती है। यूपीएससी के सिविल सर्विस एक्जाम में दलित और आदिवासी कैंडिडेट को अपर एज लिमिट में पांच साल की और ओबीसी कैंडिडेट्स को तीन साल की छूट मिलतà Read...
बाबासाहेब अंबेडकर की याद में लगा मुंबई में मेला
दिल्ली में रहने वालों को महान नेताओं की समाधियों के बारे में खासी जानकारी रहती है. लगभग हर महीने ही सरकारी तौर पर समाधियों पर फूल माला चढ़ती रहती है . यह अलग बात है कि महात्मा गाँधी के अलावा और किसी समाधि पर आम आदमी शायद ही कभी जाता हो . अवाम की श्रद्धा के स्थान के रूप में महात्मा जी की समाधि तो स्थापित हो चुकी ह Read...
कुछ बातें बेमतलब / घनचक्कर ही घनचक्कर
यह बहुत बड़ी घनचक्करी खबर है । अपने आप में यह बड़ी करंट मारने वाली घनचक्करी खबर है । यूं तो ऐसी खबर बिहार में जनमती नहीं क्योंकि यहां चक्कर ही चक्कर होता है कि जो मंत्री न बने वह मंत्री बनने के लिए किसके किसके दरबार में चक्कर चला रहे हैं । घनचक्कर नहीं होता है । होता है तो सुन समझ कर दिमाग ही घनचक्कर हो जाता है à Read...
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Palash Biswas
Pl Read:
http://nandigramunited-banga.blogspot.com/






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